आख़िरी आवाज़ – Part 3

 

आख़िरी आवाज़ – Part 3

(Voice of Memories एक्सक्लूसिव हॉरर सीरीज़)

लेखक: सिद्धार्थ कुमार शर्मा
वेबसाइट: मैं voiceofmemories.in



अब

तक…

आवाज़ रेडियो से निकली।
रेडियो से इंसान में घुसी।

और अब…

वह रास्ता ढूँढ चुकी थी।


1. पहला वॉइस नोट

सुबह के ठीक 6:06 बजे, स्नेहा के मोबाइल पर एक व्हाट्सऐप वॉइस नोट आया।

Unknown Number

वॉइस नोट की लंबाई—0:13 सेकंड

स्नेहा ने काँपते हाथों से प्ले किया।

पहले सिर्फ़ साँसों की आवाज़ थी। फिर एक जानी-पहचानी फुसफुसाहट—

“सुन लिया… अब भेज दो…”

वॉइस नोट अपने आप फ़ॉरवर्ड हो गया।

स्नेहा ने कुछ किया ही नहीं था।


2. वायरल डर

तीन घंटों में वही वॉइस नोट सैकड़ों लोगों के फ़ोन में पहुँच चुका था।

लोग लिख रहे थे—

“फोन कान के पास रखते ही सिर भारी हो जाता है।”

“आवाज़ बंद करने पर भी गूँजती रहती है।”

“नींद में कोई नाम लेकर बुला रहा है।”

शाम होते-होते तीन मौतों की ख़बर आ गई।

तीनों ने एक ही वॉइस नोट सुना था।


3. नया नियम

स्नेहा को अब आवाज़ साफ़ सुनाई देने लगी—

“अब रेडियो पुराना हो गया…”

“मोबाइल तेज़ है…”

“और इंसान कमज़ोर…”

आईने में उसे नीरज और रमेश दोनों की परछाइयाँ दिखने लगीं।

तीनों आवाज़ें एक साथ बोल उठीं—

“हर शेयर एक मौत है…”


4. जिसने नहीं सुना

इसी बीच एक अजीब मामला सामने आया।

एक लड़का—अयान

उसके फ़ोन में वॉइस नोट पहुँचा, लेकिन उसने सुना नहीं।

उसने हेडफ़ोन निकाल दिए थे।

लेकिन रात को अयान ने सपना देखा—

कोई बिना आवाज़ के चिल्ला रहा था।

सुबह उठते ही अयान के फ़ोन में एक नई फ़ाइल थी—

Last_Voice_004.wav

आवाज़ नहीं थी।

लेकिन डर…

पूरा था।


5. सच्चाई का डर

स्नेहा समझ चुकी थी—

अब आवाज़ सुनना ज़रूरी नहीं।

उसका अस्तित्व जान लेना ही काफ़ी है।

जो जान गया…

वह अगला वाहक बन गया।


6. आख़िरी कोशिश

स्नेहा ने अपना मोबाइल तोड़ दिया। लैपटॉप जलाने की कोशिश की।

लेकिन हर टूटती स्क्रीन पर वही टेक्स्ट उभर आया—

“Delete नहीं होता।”

“Forward होता है।”

पीछे से आवाज़ आई—

“अब तुम अकेली नहीं हो…”


अंत (डर यहीं से शुरू)

अगली सुबह स्नेहा का घर खाली था।

मोबाइल, लैपटॉप—सब गायब।

लेकिन उसके सोशल मीडिया अकाउंट एक्टिव थे।

हर जगह एक ही पोस्ट—

एक 13 सेकंड का वॉइस नोट।

कैप्शन:

“सुनना ज़रूरी नहीं है।”


जारी रहेगा…

क्योंकि अब यह आवाज़…

आप तक पहुँच चुकी है।


महत्वपूर्ण सूचना (Terms & Conditions)

यह कहानी पूर्णतः काल्पनिक है। इसका उद्देश्य केवल मनोरंजन और रचनात्मक लेखन है। इस कहानी का किसी भी जीवित या मृत व्यक्ति, समुदाय, धर्म, जाति, स्थान या वास्तविक घटना से कोई संबंध नहीं है। यह कहानी किसी भी प्रकार से किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाने या डर फैलाने के लिए नहीं लिखी गई है। यदि कहानी का कोई अंश वास्तविक प्रतीत हो, तो वह मात्र संयोग है।

© सभी अधिकार सुरक्षित
लेखक: सिद्धार्थ कुमार शर्मा
वेबसाइट: मैं voiceofmemories.in

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