झारखंड का भूतिया कुआँ: एक सच्ची डरावनी कहानी
(Jharkhand Horror Story in Hindi)
परिचय
भारत के झारखंड राज्य में कई ऐसे रहस्यमयी स्थान हैं, जिनके बारे में आज भी लोग डर के साथ बातें करते हैं। ऐसी ही एक जगह है सारंडा के पास स्थित भूतिया कुआँ, जहाँ रात होते ही अजीब घटनाएँ होने लगती हैं। यह कहानी उसी कुएँ से जुड़ी है, जिसे लोग आज भी सबसे डरावनी भूत कहानी मानते हैं।
भूतिया कुएँ का रहस्य
सारंडा जंगल के किनारे एक पुराना, टूटा-फूटा कुआँ है। दिन में वह बिल्कुल सामान्य लगता है, लेकिन जैसे ही सूरज ढलता है, वहाँ जाना मना माना जाता है।
गाँव वालों का कहना है कि उस कुएँ से रात के समय रोने की आवाज़ आती है।
कई लोगों ने बताया कि उन्होंने सफ़ेद साड़ी में एक औरत को कुएँ के पास खड़े देखा है।
उस रात की घटना
रमेश, जो एक ट्रक ड्राइवर था, एक रात जंगल के रास्ते से गुजर रहा था। अचानक उसकी गाड़ी खराब हो गई। आसपास कोई नहीं था। मजबूरी में वह मदद ढूँढने कुएँ की तरफ गया।
जैसे ही उसने कुएँ में झाँका—
उसे किसी के साँस लेने की आवाज़ सुनाई दी।
अचानक एक ठंडी हवा चली और उसके कान में किसी ने फुसफुसाकर कहा:
“मुझे बाहर निकालो…”
डरावना सच
रमेश डर के मारे भागने ही वाला था कि उसने देखा—
कुएँ से एक औरत का चेहरा बाहर निकला, आँखें बिल्कुल काली और चेहरा जला हुआ।
वह औरत वही थी, जिसे सालों पहले गाँव वालों ने दहेज के आरोप में मारकर कुएँ में फेंक दिया था। उसकी आत्मा आज भी न्याय की तलाश में भटक रही है।
आज भी क्यों डरते हैं लोग?
आज भी जो लोग उस रास्ते से रात में गुजरते हैं, कहते हैं कि
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गाड़ी अपने-आप बंद हो जाती है
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मोबाइल की बैटरी अचानक खत्म हो जाती है
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और किसी औरत के रोने की आवाज़ आती है
इसलिए लोग इसे झारखंड की सबसे डरावनी भूतिया कहानी मानते हैं।
निष्कर्ष
कुछ जगहें सिर्फ़ जगह नहीं होतीं, वे अपने अंदर दर्द और आत्माओं को कैद करके रखती हैं।
अगर कभी आप झारखंड के जंगलों में जाएँ, तो रात में उस भूतिया कुएँ के पास रुकने की गलती मत करना।
क्योंकि…
हर कहानी सिर्फ़ कहानी नहीं होती।
