भूतेली हवेली की रात – Part 2
भूमिका (Recap)
राहुल, फोटोग्राफर, भूतेली हवेली में फंस चुका था। Part 1 में हमने देखा कि हवेली खुद बात करती थी, पुराने दस्तावेज़ और तस्वीरें अजीब घटनाओं की कहानी बयां करती थीं। राहुल की परछाई दर्पण में नहीं दिखी और वह हवेली में फंस गया।
अध्याय 1: रात का सिलसिला
रात को हवेली में अजीब आवाज़ें लगातार सुनाई देने लगीं—चिल्लाहट, फुसफुसाहट, और कभी-कभी हँसी।
राहुल ने टॉर्च जलाई और चारों तरफ देखा। हर कमरे में हल्की रोशनी झिलमिला रही थी, लेकिन कोई दिखाई नहीं दे रहा था।
अध्याय 2: पुरानी तस्वीरें
राहुल ने हवेली के लॉबी में रखी अलमारी खोली। वहां ढेर सारी तस्वीरें थीं—सिर्फ़ वह नहीं, बल्कि पहले आए सभी लोग।
और हर तस्वीर में उनके पीछे रहस्यमयी परछाइयाँ थी।
अध्याय 3: अनजान आवाज़ें
"कौन है?" राहुल ने पूछा।
जवाब मिला—"हम हैं।"
सिर्फ़ एक शब्द, लेकिन इतना डरावना कि हवा ठंडी हो गई।
अध्याय 4: दरवाज़ों का खेल
राहुल ने बाहर जाने की कोशिश की, लेकिन सभी दरवाज़े अपने आप बंद हो गए। खिड़कियाँ भी। हवेली उसे घेर रही थी।
हर कमरे में वही आवाज़ें—
"हम तुम्हें भूलने नहीं देंगे।"
अध्याय 5: किताबों का रहस्य
राहुल ने किताबों की एक पुरानी शेल्फ़ देखी। उसमें कई डायरी और नोटबुक थीं।
डायरी में लिखा था—
"जो भी हवेली में रात बिताएगा, उसका नाम हमेशा के लिए जुड़ जाएगा।"
राहुल समझ गया—यह केवल डर की कहानी नहीं थी। यह सच था।
अध्याय 6: परछाईयों का खेल
रात के 2:13 बजे, दर्पण में राहुल की परछाई अचानक वापस दिखाई दी। पर उसके साथ तीन और परछाइयाँ थीं—पहले हवेली में रह चुके लोग।
वे धीरे-धीरे राहुल की ओर बढ़ने लगे।
अध्याय 7: आख़िरी संघर्ष
राहुल ने टॉर्च से परछाइयों को रोशनी में दिखाने की कोशिश की।
परछाइयाँ गायब नहीं हुईं। उन्होंने उसे घेर लिया, लेकिन कोई हमला नहीं किया। जैसे हवेली चाहती थी—राहुल को स्वीकार किया जाए।
अध्याय 8: सुबह का रहस्य
सुबह पुलिस और हवेली के मालिक आए। अंदर किसी का सुराग नहीं मिला।
सिर्फ़ तस्वीरें बदल गई थीं—अब राहुल की तस्वीर भी उनके बीच थी, उसकी आंखों में डर और चमक।
निष्कर्ष (Cliffhanger)
आज भी भूतेली हवेली रात को ज़िंदा है। हर नई रात में कोई नया व्यक्ति हवेली में जुड़ जाता है।
क्या आप उस रात वहां रह पाएंगे? या आपकी तस्वीर भी हवेली में जुड़ जाएगी?
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Disclaimer: यह कहानी पूरी तरह काल्पनिक है। किसी भी वास्तविक व्यक्ति, स्थान या घटना से इसका कोई संबंध नहीं है।
