आख़िरी आवाज़ – Part 1
(एक बिल्कुल नई खौफनाक हॉरर सीरीज़ | Voice of Memories एक्सक्लूसिव)
लेखक: सिद्धार्थ कुमार शर्मा
वेबसाइट: मैं voiceofmemories.in
भूमिका
हर इंसान के जीवन में एक आवाज़ होती है…
जो आख़िरी बार सुनाई देती है।
कुछ लोग उसे मौत कहते हैं।
लेकिन सच यह है—
वह आवाज़ पहले आती है…
मौत बाद में।
1. रिकॉर्डर
नीरज रेडियो स्टेशन में काम करता था। रात की शिफ्ट उसकी आदत बन चुकी थी। शहर सोता था, और वह आवाज़ें रिकॉर्ड करता था—
खाली गलियाँ, चलती हवा, दूर से आती ट्रेन की सीटी।
एक रात, 2:12 बजे, रिकॉर्डिंग के बीच उसे कुछ अजीब मिला।
हेडफ़ोन में एक धीमी आवाज़ थी—
“सुन रहे हो?”
नीरज चौंक गया। उसने फ़ाइल रोकी। दुबारा चलाई।
आवाज़ फिर आई—
“मैं आख़िरी हूँ…”
फ़ाइल का नाम अपने आप बदल चुका था—
Last_Voice_001.wav
2. वह जो सुना गया
नीरज ने अगली रात वही फ़ाइल दुबारा चलाई। इस बार आवाज़ साफ़ थी।
“जिसने मुझे सुना…”
“वह मुझे आगे देगा…”
नीरज की स्क्रीन पर रेडियो स्टेशन की पुरानी लॉगबुक खुल गई।
एक नाम चमका—
रमेश वर्मा (साउंड इंजीनियर, 2009)
स्टेटस लिखा था—
On-Air के दौरान अचानक मृत्यु।
3. पहली ट्रांसमिशन
डरते हुए भी नीरज ने फ़ाइल को ऑन-एयर चला दिया।
पूरे शहर में वह आवाज़ फैल गई।
अगली सुबह ख़बर आई—
एक आदमी, जिसने रात को रेडियो सुना था, नींद में मरा मिला।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एक अजीब लाइन थी—
कानों में ब्लीडिंग, लेकिन कोई चोट नहीं।
4. समझ
नीरज को एहसास हुआ—
यह कोई रिकॉर्डिंग नहीं थी।
यह आख़िरी आवाज़ थी।
जो एक इंसान से दूसरे इंसान में जाती है।
जो इसे सुनता है—
वह अगला वाहक बन जाता है।
5. अंत नहीं
उसी रात नीरज को नींद में फुसफुसाहट सुनाई दी—
“अब तुम्हारी बारी है…”
उसके कानों से खून बहने लगा।
और रिकॉर्डर अपने आप ऑन हो गया।
फ़ाइल सेव हुई—
Last_Voice_002.wav
जारी रहेगा…
क्योंकि आवाज़ कभी मरती नहीं…
वह बस ट्रांसफ़र होती है।
महत्वपूर्ण सूचना (Terms & Conditions)
यह कहानी पूरी तरह से काल्पनिक है। इसका उद्देश्य केवल मनोरंजन और रचनात्मक लेखन है। इस कहानी का किसी भी जीवित या मृत व्यक्ति, समुदाय, जाति, धर्म, स्थान या वास्तविक घटना से कोई संबंध नहीं है। यह कहानी किसी प्रकार से किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाने, डर फैलाने या नकारात्मकता बढ़ाने के लिए नहीं लिखी गई है। यदि कहानी का कोई अंश वास्तविक प्रतीत हो, तो वह मात्र संयोग है।
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लेखक: सिद्धार्थ कुमार शर्मा
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