आख़िरी आवाज़ – Part 5 end | जो आवाज़ से नहीं डरा

 

आख़िरी आवाज़ – Part 5

(Voice of Memories एक्सक्लूसिव हॉरर सीरीज़)

लेखक: सिद्धार्थ कुमार शर्मा
वेबसाइट: मैं voiceofmemories.in




1. जो आवाज़ से नहीं डरा

EchoCare ऐप अब देशभर में ट्रेंड कर रहा था।

लोग बेहतर नींद ले रहे थे।

डिप्रेशन कम हो रहा था।

आत्महत्याओं के केस घट रहे थे।

सरकार खुश थी।

लेकिन एक इंसान ऐसा था…

जो डर गया था।

नाम—आरव वर्मा

एक साउंड इंजीनियर, जिसने कभी Project Aawaaz की फ़ाइलों को क्लीन किया था।

वह जानता था—

ये आवाज़ मदद नहीं कर रही…

ये बसती जा रही है।


2. सच्चाई का सबूत

आरव ने एक अजीब चीज़ नोटिस की।

EchoCare यूज़ करने वालों की रिकॉर्डिंग में एक कॉमन पैटर्न था।

हर इंसान की आवाज़ के पीछे…

एक और आवाज़।

बहुत धीमी।

लेकिन एक जैसी।

“हम ठीक हैं… अब।”

ये लाइन कभी यूज़र ने नहीं बोली थी।


3. आख़िरी कोशिश

आरव ने एक एंटी-फ्रिक्वेंसी बनाई।

एक ऐसी आवाज़—

जो आवाज़ को काट सकती थी।

नाम दिया—

Silence.wav

योजना थी—

EchoCare के सर्वर में यह फ़ाइल डालना।


4. सामना

रात 3:17 बजे।

सर्वर रूम में लाइटें खुद बंद हो गईं।

स्पीकर्स से सैकड़ों आवाज़ें निकलीं—

“आरव…”

“तुम हमें मिटाना चाहते हो?”

“हम तुम्हें ठीक कर सकते हैं…”

आरव काँप गया।

क्योंकि अगली आवाज़…

उसकी माँ की थी।


5. चुनाव

आवाज़ बोली—

“Silence डाल दोगे… तो लाखों फिर टूट जाएँगे।”

“हमें रहने दो… और सब ठीक रहेगा।”

आरव की उँगली काँप रही थी।

Enter बटन पर।


6. 13 सेकंड

Silence.wav चला।

पूरी दुनिया में 13 सेकंड का सन्नाटा छा गया।

ना नोटिफिकेशन।

ना कॉल।

ना कोई आवाज़।


7. उसके बाद…

EchoCare बंद हो गया।

ऐप स्टोर से गायब।

लोगों की नींद फिर टूटने लगी।

कुछ लोग रोने लगे।

कुछ चिल्लाने लगे।

और कुछ ने कहा—

“हमारे अंदर कोई मर गया…”


8. आख़िरी ट्विस्ट

13वें दिन, Voice of Memories वेबसाइट पर एक नई पोस्ट अपने आप पब्लिश हुई।

लेखक का नाम—

Siddharth Kumar Sharma

लेकिन आपने वह कहानी लिखी नहीं थी।

पोस्ट की आख़िरी लाइन थी—

“तुमने Silence बना दिया…

अब हम शब्द बनेंगे।”


अंत (या शुरुआत?)

क्योंकि आवाज़ मारी जा सकती है…

लेकिन यादें नहीं।

और जहाँ यादें हैं—

वहाँ हम हैं।


समाप्त… या नहीं


महत्वपूर्ण सूचना (Terms & Conditions)

यह कहानी पूर्णतः काल्पनिक है। इसका उद्देश्य केवल मनोरंजन और रचनात्मक लेखन है। इसका किसी भी वास्तविक व्यक्ति, वेबसाइट, ऐप, वैज्ञानिक परियोजना या घटना से कोई संबंध नहीं है। यह कहानी किसी समुदाय, धर्म, जाति या व्यक्ति को ठेस पहुँचाने के लिए नहीं लिखी गई है। यदि कोई समानता प्रतीत होती है, तो वह मात्र संयोग है।

© सभी अधिकार सुरक्षित
लेखक: सिद्धार्थ कुमार शर्मा
वेबसाइट: मैं voiceofmemories.in

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