छलावा – भूत की कहानी – Part 2
भूमिका (Recap)
Part 1 में आर्यन और उसके दोस्त उस पुरानी हवेली में गए थे। उन्होंने महसूस किया कि हवेली केवल एक भवन नहीं है—यह अपने अंदर एक भूतिया परछाई और छलावे को संजोए हुए है। आर्यन की तस्वीर हवेली में फंस गई थी।
अध्याय 1: रात का डर
रात के 12 बजे, हवेली में फिर हल्की फुसफुसाहटें शुरू हुईं।
"हम देख रहे हैं…"
आर्यन ने देखा कि उसकी परछाई तस्वीर से बाहर आ रही है और दीवारों पर फैल रही है। हवेली उसे घेर चुकी थी।
अध्याय 2: परछाई का पीछा
आर्यन भागने की कोशिश करता है। हर कमरे में परछाई उसके पीछे है।
जैसे ही वह टॉर्च से सामने की दीवार को रोशन करता है, परछाई उसकी शक्ल में बदल जाती है। हवेली उसे अपने अंदर खींच रही थी।
अध्याय 3: दोस्त की मदद
आर्यन ने अपने दोस्तों को आवाज़ दी। वे जल्दी से आए, लेकिन उन्हें कुछ दिखाई नहीं दिया। केवल आर्यन की आवाज़ और उसकी फुसफुसाहटें हवेली में गूंज रही थीं।
अध्याय 4: पुराने दस्तावेज़
आर्यन ने लॉबी में रखी पुरानी डायरी खोली। उसमें लिखा था—
"जो भी हवेली में रात बिताता है, उसकी परछाई हमेशा हवेली में फंसी रहती है।"
यह उस समय सच साबित हो गया।
अध्याय 5: सामना
आर्यन ने तय किया कि वह डरकर भागेगा नहीं। उसने टॉर्च को उठाया और हवेली के भूतिया छलावे का सामना किया।
परछाई धीरे-धीरे उसकी तरफ बढ़ी, लेकिन कोई हमला नहीं किया। यह मानो कह रही थी—डर छोड़ो, केवल स्वीकार करो।
अध्याय 6: सुबह का रहस्य
सुबह हवेली के मालिक आए। अंदर कोई दिखाई नहीं दिया।
लेकिन तस्वीरों में अब चार लोग थे—आर्यन भी। उसकी आँखों में डर नहीं था, बल्कि एक अजीब शांति और स्वीकारोक्ति थी।
निष्कर्ष (Cliffhanger)
आज भी हवेली रात को जिंदा है। जो भी अंदर आता है, उसकी परछाई हवेली में फंस जाती है।
क्या आप उस रात वहां रह पाएंगे या आपकी परछाई भी हवेली में फंस जाएगी?
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Disclaimer: यह कहानी पूरी तरह काल्पनिक है। किसी भी वास्तविक व्यक्ति, स्थान या घटना से इसका कोई संबंध नहीं है।
